निःस्वार्थ कर्म, मानवता, जीव सेवा और सामाजिक कल्याण।
ईश्वर का स्मरण, ध्यान, आत्मचिंतन, सत्संग और आंतरिक साधना।
सत्य, ईमानदारी, करुणा, विनम्रता, अनुशासन और सम्मानपूर्ण आचरण।